Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana: ऑनलाइन आवेदन (CG Godhan Nyay) लाभ व पात्रता

CG Godhan Nyay Online | छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना ऑनलाइन आवेदन | Chhattisgarh  Godhan Nyay Yojana Application Form | गोधन न्याय योजना लाभ व पात्रता

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना को राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 20 जुलाई 2020 को किसानो / पशुपालको को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गयी है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा गाय पालने वाले पशुपालक किसानो से गाय का गोबर ख़रीदा जायेगा। इस योजना के तहत पशुपालक से ख़रीदे गए गोबर का उपयोग सरकार वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए करेगी। इस योजना के ज़रिये छत्तीसगढ़ सरकार गायो के लिए भी कार्य कर रही है तो चलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से इस CG Godhan Nyay Yojana से जुड़ी सभी जानकारी जैसे आवेदन प्रक्रिया ,दस्तावेज़ ,पात्रता आदि प्रदान करने जा रहे है अतः हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

CG Godhan Nyay Scheme Apply

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से 21 जुलाई 2020 को पहली बार गोबर खरदीने की शुरआत करेगी।इस योजना का लाभ सीधे छत्तीसगढ़ राज्य के पशु पालने वालो को होगा। राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो उन्हें सबसे पहले इस CG Godhan Nyay Scheme  के तहत आवेदन करना होगा। आवेदन करने से पहले आपको इस योजना की पात्रता ,दिशा निर्देश को पढ़ना होगा। इस योजना को दो चरण में चलाया जाएगा, जिसमें पहले चरण में राज्य के 2240 गोशालाओं को जोड़ा जाएगा, फिर कुछ ही दिनों में 2800 गठनों का निर्माण होने के बाद दूसरे चरण में भी गोबर खरीदा जाएगा। गाय का गोबर कई तरह के काम में आता है। इसके माध्यम से अच्छा इंधन तैयार होता है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गाय जा गोबर 2 रूपये प्रति किलो की दर से ख़रीदा जायेगा। 

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना

मोबाइल ऐप का किया गया शुभारंभ

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना को सरकार द्वारा पशु पालक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरंभ किया था। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों एवं किसानों से ₹2 प्रति किलो की दर से गोबर की खरीद की जाती है। सुराजी गांव योजना के अंतर्गत स्थापित गौथानो में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा इस गोबर से जैविक खाद का निर्माण किया जाता है। गाय के गोबर से कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट के अलावा कई अन्य चीजें भी बनाई जाती हैं। गौथानों की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोधन न्याय मिशन की स्थापना की गई है। इस मिशन के माध्यम से लाभार्थियों को धन हस्तांतरित करने में सहायता प्रदान की जाएगी।

हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा गौठान ऐप का शुभारंभ किया गया है। इस ऐप के माध्यम से गौथनो की गतिविधियों के बारे में अद्यतन जानकारी प्रदान की जाएगी। जिसमें खरीद, भुगतान, महिलाओं एवं अन्य स्वयं सहायता समूह की आय संबंधित गतिविधियों एवं गौठान की आर्थिक गतिविधियों की जानकारी भी शामिल की गई है। इसके अलावा इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा गौठान समितियों के पशुपालक एवं लाभार्थियों को 3.93 करोड रुपए ट्रांसफर भी किए गए।

गोबर से किया जाएगा बिजली उत्पादन

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना के अंतर्गत खरीदे गए गोबर से बिजली बनाने का कार्य किया जाएगा। इस कार्य को करने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है और जल्द इस कार्य को आरंभ कर दिया जाएगा। इस बात की जानकारी खुद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 22 सितंबर 2021 को पत्रकारों से साझा की गई है। छत्तीसगढ़ में अब ग्रीन एनर्जी का उत्पादन किया जाएगा। जिससे कि पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी लाभ होगा। इसके अलावा इस फैसले से किसानों, युवाओं एवं उद्योगों को भी लाभ पहुंचेगा। गोबर से बिजली बनाने का निर्णय ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ती दर को देखते हुए लिया गया है। पिछले 1 साल में इस योजना के माध्यम से 50 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

इस गोबर का उपयोग बिजली बनाने में किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इस योजना को बीते वर्ष आरंभ किया गया था। अब तक इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए से अधिक की गोबर खरीद की जा चुकी है। गोबर का इस्तेमाल वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए भी किया जाता है। जिससे कि किसानों को लाभ पहुंचता है एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा गौठानो में वर्मी कंपोस्ट बनाने के काम संलगन तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों में काम कर रहे 9000 से अधिक स्व सहायता समूह की 64000 महिलाओं को रोजगार प्राप्त होता है।

Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana Highlights

योजना का नाम छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना
इनके द्वारा  शुरू की गयी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा
लॉन्च की तारीक 20 जुलाई 2020
लाभार्थी गाय पालने वाले पशुपालक
उद्देश्य पशुपालको की आय में वृद्धि करना

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत किया गया 27 वी किस्त का भुगतान

8 सितंबर 2021 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पशुपालक एवं संग्रहको के खाते में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत 27वी किस्त की राशि का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री जी द्वारा यह भी जानकारी प्रदान की गई थी इस योजना के अंतर्गत एक ही दिन में 100 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई है। जिसके लिए मुख्यमंत्री जी द्वारा सभी पशुपालकों को बधाई भी दी गई।

इस योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूह को 1 करोड़ 41 लाख, गौठान समितियों को 2 करोड़ 18 लाख, स्व सहायता समूह को कुल 21 करोड़ 42 लाख तथा गौठान समितियों को 32 करोड़ 94 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। गोबर खरीदी की एवज में मुख्यमंत्री जी के द्वारा पशुपालक और संग्रहको, स्व सहायता समूह एवं गौठान समितियों को 5 करोड़ 33 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया गया है।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत लाभ की राशि का वितरण

इस योजना को 20 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के द्वारा आरंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों से उचित दाम पर गोबर की खरीद की जाती है एवं उस गोबर का गौठान में वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जाता है। CG Godhan Nyay Scheme के अंतर्गत 10 जुलाई 2021 को 11:30 बजे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा लाभ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि महिला स्व सहायता समूह, गौठान समितियां एवं विक्रेता पशुपालक को प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री जी द्वारा 2 करोड़ 45 लाख रुपए की राशि महिला स्व सहायता समूह एवं गौठान समितियों को प्रदान किए जाएंगे एवं 62 लाख 18 हजार रुपए गोबर विक्रेता पशुपालकों को प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार द्वारा 582 करोड़ रुपए की राशि कबीरधाम एवं गरियाबंद जिलों के नागरिकों के विकास के लिए प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत की गई 96 करोड़ रुपए की खरीद

CG Godhan Nyay Scheme के माध्यम से किसानों को विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त हो रहे हैं। इस योजना के माध्यम से ना सिर्फ ग्रामीण एवं पशुपालकों के आय में वृद्धि हुई है बल्कि वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट के उपयोग से खाद्य की गुणवत्ता में भी सुधार आया है और खेती की लागत में कमी आई है। अब तक इस योजना के माध्यम से 96 करोड़ रुपए की खरीद किसानों एवं पशुपालकों से की जा चुकी है। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी लगभग 80000 महिलाओं को आजीविका प्राप्त हुई है। गौठान से एवं स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को 27.78 करोड़ रुपए की राशि छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के माध्यम से प्राप्त हुई है।

इस योजना के अंतर्गत खरीद की राशि का वितरण 10 जुलाई 2021 को किया गया है। इस मौके पर यह भी जानकारी प्रदान की गई कि राज्य में अभी 5590 गौठान सक्रिय हैं और 9950 गौठान का निर्माण की स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान की जा चुकी है। इन गौठान के माध्यम से 3,06,770 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया गया है। जिसमें से 1,44,320 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट की बिक्री की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना की अब तक की सफलता

इस योजना की सफलता की चर्चा पूरे देश में की जा रही है। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के माध्यम से प्राप्त हुए गोबर से 15 मार्च 2021 तक 118611 क्विंटल खाद का उत्पादन किया गया है। इसमें से 83900 क्विंटल खाद अब तक बेची जा चुकी है। अब तक इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लगभग 162497 पशुपालकों को लाभ पहुंचा है। इन 162497 पशुपालकों में से 70299 भूमिहीन पशुपालक थे। इस योजना के कुल लाभार्थियों में से 44.55% लाभार्थी महिला है। अब तक इस योजना के माध्यम से 44 लाख क्विंटल गोबर पशुपालकों से खरीदा जा चुका है। सरकार द्वारा गोबर खरीद का पैसा सीधे पशुपालकों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पहुंचाया जाता है। अब तक सरकार द्वारा 16 किस्त लाभार्थियों के खाते में वितरित की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना की 15वीं तथा 16वी किस्त

इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा गोबर की खरीद की जाती है। इस गोबर को खाद बनाकर गौथन के माध्यम से बाजार में बेचा जाता है। किसानों को गोबर बेचने पर सरकार द्वारा खरीद मूल्य का भुगतान किया जाता है। यह भुगतान लाभार्थियों के खाते में किया जाता है। 21 मार्च 2021 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 15वीं तथा 16वीं किस्त की राशि किसानों के खाते में पहुंचा दी गई है। 15वी एवं 16वी किस्त के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में कुल 7 करोड़ 75 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। 15वीं किस्त की राशि 3 करोड़ 75 लाख रुपए थी तथा 16वी किस्त की राशि 3 करोड़ 80 लाख रुपए थी।

अब तक इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों के खाते में कुल 88 करोड़ रुपए पोहचाए जा चुके हैं। Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana के माध्यम से पशुपालक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन रहे हैं। यह योजना महिलाओं के लिए भी आय का एक साधन बनी है।

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना को मिले अवार्ड

20 मार्च 2021 को गौधन न्याय योजना को स्कॉच गोल्ड अवार्ड दिया गया। यह अवार्ड इस योजना की पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए दिया गया है। यह योजना ना केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार ला रही है बल्कि यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। इस योजना को एग्रीकल्चर अफेयर कमेटी एवं लोकसभा द्वारा प्रोत्साहित किया गया तथा अन्य राज्यों को भी इसी तरह की योजना का कार्यान्वयन करने का सुझाव प्रदान किया गया है। इसके अलावा गौधन न्याय योजना की आधिकारिक वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप को नेशनल अवार्ड दिया गया है। यह आधिकारिक वेबसाइट तथा मोबाइल ऐप प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। यह वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप चिप्स के द्वारा विकसित किया गया था।

इसके अलावा देश की प्रसिद्ध आईटी संगठन द इलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस डिजिटल गवर्नेंस के अंतर्गत इस योजना को दिया गया है।

गोथन को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा

लगभग 6 लाख क्विंटल खाद का उत्पादन गौथन के माध्यम से किया जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा गौथन को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इन गौथन को ग्रामीण औद्योगिक पार्क में विकसित करने के बाद खाद उत्पादन में वृद्धि आएगी। यदि 1 वर्ष में गौथन के द्वारा 20 लाख क्विंटल खाद का उत्पादन किया गया तो उसके माध्यम से 2 हजार करोड़ रुपए की आय उत्पन्न होगी। इसी के साथ यदि गौथन में अन्य आर्थिक गतिविधियां होंगी तो गौथान का टर्नओवर बढ़ जाएगा। गौथन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। गौथन से सभी महिलाओं एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को जोड़ा जाएगा। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग गौथन के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सके।

गोधन न्याय योजना होगी पूरे देश में आरंभ

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा भी ऐसी एक योजना पूरे देश के किसानों के लिए आरंभ करने पर विचार किया जा रहा है। 9 मार्च 2021 को लोकसभा में एक रिपोर्ट पेश की गई थी। इस रिपोर्ट में कृषि संबंधी स्थायी समिति ने केंद्र को छत्तीसगढ़ की गौधन न्याय योजना जैसी योजना संपूर्ण देश में आरंभ करने का सुझाव दिया है। समिति द्वारा पशुपालन तथा डेयरी विभाग के समन्वयन में किसानों से गोबर की खरीद के लिए एक योजना आरंभ करने की सिफारिश की गई है। गौधन न्याय योजना के अंतर्गत किसानों से गोबर की खरीद की जाती है। जिससे कि खाद बनाई जाती है।

 CG Godhan Nyay Yojana के माध्यम से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी तथा रोजगार के अवसर में भी बढ़ोतरी होगी। इस योजना के माध्यम से गांवों में भी स्वच्छता बनी रहेगी। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द केंद्र सरकार द्वारा भी पूरे भारत के लिए छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना जैसी योजना आरंभ करेगी। जिसके लिए सरकार द्वारा जल्द बजट की भी घोषणा की जाएगी। जैसे ही सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा की जाएगी हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से जरूर सूचित करेंगे।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना का उद्देश्य

जैसे की आप सभी लोग जानते है कि पशुपालको की आय कुछ ज्यादा  नहीं होती जिसकी वजह से वह अपने पशुओ को अच्छा चारा नहीं खिला पाते और कुछ लोग अक्सर पशुओं का दूध निकाल उन्हे खुला छोड़ देते हैं, जिसके गांव तथा शहरों में गोबर यूं ही पड़ा रहता है, जिससे गंदगी भी फैलती है। इसे सभी समस्याओ को देखते हुए राज्य सरकार ने इस छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना को शुरू किया है गोधन न्याय योजना के ज़रिये सरकार गाय पालने वाले किसानो की गाय का गोबर खरीदेगी।  जिससे पशुपालको की आय में भी वृद्धि होगी और गाय का गोबर भी व्यर्थ नहीं जायेगा। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों की आय में वृद्धि होने से पशुओं को उनके पशुपालन में ही रखा जायेगा, जिससे कि पशुओं को इधर-उधर चरने की भी जरुरत नहीं होगी।

गोधन न्याय योजना जारी की गई 11वीं एवं 12वीं किस्त की राशि

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के द्वारा अपने निवास कार्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर 11वीं तथा 12वीं किस्त की राशि लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की। 16 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच खरीदे गए गोबर विक्रेताओं को 11वी किस्त के 4.51 करोड़ रुपए पहुंचाएं गए। 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच खरीदे गए गोबर की 12वीं की राशि के 3.02 करोड़ रुपए लाभार्थियों के खाते में ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर किए गए। अब तक छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना के अंतर्गत 71 करोड़ 72 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह भी बताया गया कि इस योजना के लाभार्थियों में से 57 हजार से अधिक भूमिहीन किसान है। गोबर बेचना इन सभी भूमिहीन किसानों के लिए आय का एक साधन बन गया है। जिससे कि सरकार का किसानों की आय में वृद्धि करने का उद्देश्य भी प्राप्त हो रहा है। अब तक छत्तीसगढ़ गोधनिया योजना के अंतर्गत 35 लाख 86 हजार क्विंटल गोबर की खरीद की जा चुकी है। आने वाले समय में सरकार द्वारा यह खरीद जारी रखी जाएगी।

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना पृष्ठभूमि

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष से कई सारी योजनाएं जैसे कि नरवा, गुरुवा आदि चलाई जा रही है। सरकार द्वारा पशुओं के लिए गौशालाओं का निर्माण भी किया गया है। अब तक राज्य के 2200 गांवों में गौशालाओं का निर्माण कर दिया गया है और आने वाले समय में 5000 और गांवों में गौशालाओं का निर्माण किया जाएगा। छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना राज्य की अर्थव्यवस्था तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी। इस योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। इस योजना के लागू होने के बाद पशुधन मालिक अपने पशुओं को उचित चारा पानी मुहैया कराएंगे तथा काउ डंग को बेच भी सकेंगे।

  • छत्तीसगढ़ देश का पहला कॉउ डंग खरीदने वाला राज्य बनेगा। सूराजी गांव योजना के माध्यम से गौशालाओं का निर्माण किया जाएगा और इन गौशालाओं के माध्यम से गोधन न्याय योजना को लागू किया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूह इन केंद्रों पर वर्मिनकंपोस्ट तैयार करने सहित विभिन्न अन्य अनु मुख्य योजनाएं संचालित करेंगे।
  • सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना को चरणबद्ध तरीके से गौशालाओं का निर्माण कर के विस्तृत किया जाएगा। लगभग 11,630 ग्राम पंचायत तथा 2000 गांव में गौशालाओं का निर्माण किया जाएगा।

प्राप्त किए गए गोधन का प्रयोग

CG Godhan Nyay Yojana के अंतर्गत प्राप्त किए गए कॉउ डंग को वर्मी कंपोस्ट फर्टिलाइजर बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा। यह फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से बेचा जाएगा। जिससे कि किसान, वन, बागवानी, नागरिया प्रशासन विभाग आदि की फर्टिलाइजर की आवश्यकता पूरी हो सके। गोबर की खरीद का जिम्मा छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन का होगा। यह वर्मी कंपोस्ट ₹10 प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना अब तक की सफलता

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार ₹2 प्रति किलो के हिसाब से गोबर खरीदती है। 21 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना का आरंभ किया गया था। छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना के माध्यम से सरकार पशुपालकों की आय दुगनी करेगी। इस योजना के माध्यम से अब तक पशुपालकों को आय में वृद्धि हुई है। Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana के माध्यम से पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 26.76 लाख क्विंटल गोधन जमा कर लिया गया है। जिसके लिए सरकार ने अब तक 53.53 करोड रुपए पशुपालकों को प्रदान किए हैं।

Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana नई अपडेट

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को इस योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को उनके गोबर की खरीद का भुगतान की प्रक्रिया का उद्घाटन कर दिया है । इस योजना के अंतर्गत कुल 65,694 पंजीकृत लाभार्थियों में से 46,764 से लगभग 82,711 क्विंटल गोबर की खरीद की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कुल देय राशि 1,65,00,000 रुपये है इसकी पहली किस्त सहकारी बैंक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के सीधे बैंक अकाउंट में राज्य सरकार द्वारा ट्रांसफर किये जायेगे।

छत्तीसगढ़ भुइयां

Godhan Nyay Yojana Chhattisgarh के लाभ

  • इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के गाय पालने वाले पशुपालको /किसानो को प्रदान किया जायेगा।
  • छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत पशुपालक किसानो से उनके दूधिया पशु के गोबर को खरीदने का कार्य किया जायेगा।
  • छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालको से ख़रीदे जाने वाला गाय का गोबर का इस्तेमाल वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने में किया जायेगा।
  • सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के जरिेए किसानों और पशु पालन करने वाले लोगों की आय में तो वृद्धि होगी।
  • राज्य में किसानो और पशु पालन करने वालों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ के मुख्य तथ्य

  • इस योजना को ज्यादा से ज्यादा गांव और शहरों में भविष्य में चलाया जायेगा।
  • Godhan Nyay Yojana Chhattisgarh को दो चरण में चलाया जाएगा, जिसमें पहले चरण में राज्य के 2240 गोशालाओं को जोड़ा जाएगा, फिर कुछ ही दिनों में 2800 गठनों का निर्माण होने के बाद दूसरे चरण में भी गोबर खरीदा जाएगा।
  • सरकार द्वारा इस योजना के ज़रिये 2 रूपये प्रतिकिलो की दर से गाय का गोबर ख़रीदा जायेगा।
  • इस योजना के माध्यम से सरकार 21 जुलाई 2020 को पहली बार गोबर खरदीने की शुरआत करेगी।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के दस्तावेज़ (पात्रता )

  • आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • इस योजना  के तहत केवल राज्य के गाय पशुपालको को ही पात्र माना जायेगा।
  • बड़े जमींदारों व्यापारियों को उनकी समृद्धता के आधार पर इस योजना का लाभ नहीं दिया जायेगा।
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पशुओ से सम्बंधित जानकारी
  • पासपोर्ट साइज फोटो

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना में आवेदन कैसे करे ?

राज्य के जो इच्छुक पशुपालक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे |

  • इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर को ओपन करना होगा। गूगल प्ले स्टोर को ओपन करने के बाद आपको सर्च बार में छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना लिखना होगा और फिर सर्च के बटन पर क्लिक करना होगा।
  • सर्च के बटन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना एप्लीकेशन खुल जाएगी।
  • इसके बाद आपको Chhattisgarh Godhan nyay Yojana को डाउनलोड करने के लिए इनस्टॉल के बटन पर क्लिक करना होगा। एप्लीकेशन डाउनलोड करने के बाद आपको इस ऍप को ओपन करना होगा।
छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना
  • इसके बाद आपको छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना आवेदन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपके सामने एप्लीकेशन फॉर्म खुल जायेगा।
  • फिर आपको आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी भरनी होगी। सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आपका आवेदन हो जायेगा।

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