कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन 2022: Kusum Yojana Registration, आवेदन फार्म

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राजस्थान कुसुम योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप प्रदान करना है इस योजना के तहत केंद्र सरकार  व राजस्थान राज्य सरकार 3 करोड़ पेटोल और डीजल सिचाई पम्पो को सोर ऊर्जा पम्पो में बदलेगी | देश के जो किसान सिचाई पम्पो को डीज़ल या पेट्रोल की मदद से चलाते है अब उन पंपों को  इस Kusum Scheme 2022 के अंतर्गत सोर ऊर्जा से चलाया जायेगा | इस योजना के पहले चरण में देश के 1 .75 लाख पंप जो डीजल और पेट्रोल से चलते है उन्हें सोलर पैनल की सहायता से चलाया जायेगा |

Kusum Yojana 2022 New Update

इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 17.5 लाख डीज़ल पम्पो और 3 करोड़ खेती उपयोगी पम्पस को आगे आने वाले 10 वर्षो में सोलर पम्पस में परिवर्तित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये राजस्थान के किसानो के लिए महत्वपूर्ण योजना है । सरकार द्वारा राज्य के किसानो के खेतो में सोलर पंप लगाने और सोलर उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रारंभिक बजट 50 हजार करोड़ रुपयों का आवंटन (To install solar pumps and promote solar products, an initial budget of Rs. 50 thousand crores was allocated.) किया गया है। इस योजना के अंतर्गत बजट 2020 -21 में राज्य के 20 लाख किसानो को सोलर पंप लगाने में मदद की जाएगी।

सुरक्षा राशि जमा करने की अंतिम तिथि की वृद्धि

कुसुम योजना के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं की परियोजना सुरक्षा राशि जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2021 निर्धारित की गई थी। जिसे अब बढ़ाकर 15 दिसंबर 2021 कर दिया गया है। अब लाभार्थी 15 दिसंबर 2021 तक योजना के अंतर्गत सुरक्षा राशि जमा कर सकते हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत राजस्थान में 9 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी है। जिसमें 100 मेगावाट विद्युत का उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। इस बात की जानकारी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष डॉक्टर सुबोध अग्रवाल जी के द्वारा प्रदान की गई है। इसके अलावा वह सभी आवेदन जो योजना के अंतर्गत चयनित है लेकिन प्रोजेक्ट स्थापना करने के लिए इच्छुक नहीं है उनके लिए धरोहर राशि, परियोजना सुरक्षा राशि वापस लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को भी बढ़ाकर 30 नवंबर 2021 से 15 दिसंबर 2021 कर दिया गया है।

  • इसके अलावा इस योजना के कॉम्पोनेंट ए के अंतर्गत सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए 722 मेगावाट क्षमता के लिए 623 सौर ऊर्जा उत्पादकों के आवंटन पत्र जारी किए गए थे। इनमें से अब तक 260 मेगावाट क्षमता के लिए 226 सौर ऊर्जा उत्पादकों की ओर से विद्युत क्रय अनुबंधन के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं।
  • इसके अलावा बंजर, उपयोगी भूमि पर राजस्थान विद्युत वितरण निगम के 33/11 के वी के सब स्टेशन के 5 किलोमीटर के अंदर 500 किलोवॉट से 2 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए विद्युत क्राय अनुबंधन करने की अंतिम तिथि भी 15 दिसंबर 2021 कर दि गई है।

Kusum Yojana 2022 Highlights

योजना का नाम कुसुम योजना 2022
इनके द्वारा लॉन्च की गयी वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली जी के द्वारा
कैटेगरी केंद्र सरकार योजना
उद्देश्य रियायती मूल्य पर सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराना
ऑफिसियल वेबसाइट http://rreclmis.energy.rajasthan.gov.in/kusum.aspx

कुसुम योजना पंजीकरण

Kusum Yojana के अंतर्गत ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु तथा भूमि लीज पर देने हेतु आवेदन किया जा सकता है। वह सभी आवेदन कर्ता जिन्होंने अपनी भूमि लीज पर देने के लिए पंजीकरण करवाया है उनकी सूची आरआरईसी द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। वे सभी नागरिक जो सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भूमि लीज पर लेना चाहते हैं वह आवेदकों की सूची आरआरईसी की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है जिसके पश्चात वह पंजीकृत आवेदकों से संपर्क करके संयंत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यदि आवेदक द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है तो आवेदक को एप्लीकेशन आईडी प्राप्त होगी। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन की स्थिति में आवेदन पत्र के प्रिंट आउट को प्रिंट आउट अपने पास सुरक्षित रखना होगा। यदि आवेदक द्वारा ऑफलाइन आवेदन किया गया है तो आवेदक को एक रसीद दी जाएगी जो की आवेदक को संभाल कर रखनी होगी। आवेदन करने के लिए आवेदन द्वारा सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे।

कुसुम योजना आवेदन शुल्क

इस योजना के अंतर्गत आवेदक को सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवेदन करने के लिए ₹5000 प्रति मेगावाट तथा जीएसटी की दर से आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। यह भुगतान प्रबंध निर्देशक राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के नाम से डिमांड ड्राफ्ट के रूप में किया जाएगा। आवेदन करने के लिए 0.5 मेगावाट से लेकर 2 मेगावाट तक के लिए आवेदन शुल्क कुछ इस प्रकार है।

मेगा वाट आवेदन शुल्क
0.5 मेगावाट ₹ 2500+ जीएसटी
1 मेगावाट ₹5000 + जीएसटी
1.5 मेगावाट ₹7500+ जीएसटी
2 मेगावाट ₹10000+ जीएसटी

वित्तीय संसाधनों का अनुमान

i) किसान द्वारा प्रोजेक्ट लगाने पर

सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता 1 मेगावाट
अनुमानित निवेश 3.5 से 4.00 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट
अनुमानित वार्षिक विद्युत उत्पादन 17 लाख यूनिट
अनुमानित टैरिफ ₹3.14 प्रति यूनिट
कुल अनुमानित वार्षिक आय ₹5300000
अनुमानित वार्षिक खर्च ₹500000
अनुमानित वार्षिक लाभ ₹4800000
25 वर्ष की अवधि में कुल अनुमानित आय 12 करोड़ रुपया

ii) किसान द्वारा भूमि लीज पर देने पर

1 मेगावाट हेतु भूमि की आवश्यकता 2 हेक्टेयर
प्रति मेगावाट विद्युत उत्पादन 17 लाख यूनिट
अनुमति लीज रेंट 1.70 लाख से 3.40 लाख

कुसुम योजना फरवरी अपडेट

18 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर एक वेबीनार आयोजित गया है। उन्होंने इस वेबीनार में यह बात बताई है कि पीएम कुसुम योजना ने अन्नदाता को पावर दाता में बदल दिया है। प्रधानमंत्री जी के द्वारा यह बताया गया है कि इस योजना के अंतर्गत सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्रों में छोटे बिजली संयंत्र स्थापित करके 30 गीगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। अब तक कुसुम योजना के माध्यम से 4 गीगावॉट ऊर्जा की क्षमता हासिल की गई है और जल्द 2.5 गीगावॉट की क्षमता को और जोड़ा जाएगा। अगले 1 से 1.5 साल में सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से 40 गीगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा। यह सौर ऊर्जा उत्पादन रूफटॉप्स सौर परियोजनाओं के माध्यम से हासिल किया जाएगा। आने वाले समय में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने का प्रयास सरकार द्वारा किया जाएगा।

कुसुम योजना 2022 का उद्देश्य

जैसे  की आप लोग जानते है कि भारत में कई ऐसे राज्य हैं, जहां सूखा पड़ता है। तथा वंहा खेती करने वाले किसानो की खेती को सूखे से नुकसान उठाना पड़ता है। इस बात पर ध्यान देते हुए केंद्र सरकार ने PM Kusum Yojana 2022  को शुरू किया है इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानो को मुफ्त में बिजली उपलब्ध करवाना | इस योजना के तहत किसानो  को सिचाई के लिए सोलर पैनल की सुविधा प्रदान करना जैसे वह अपने खेतो कि अच्छे से सिचाई कर सके | इस कुसुम योजना 2022 के ज़रिये किसान को दोहरा फायदा होगा और उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी | दूसरा यदि किसान अधिक बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते है। तो उन्हें उसकी कीमत भी मिलेगी।

राजस्थान कुसुम योजना लागत एवं आय

आने वाले समय में इस योजना के अंतर्गत लगभग 20 लाख किसानों को कवर किया जाएगा। इसके माध्यम से सरकार का सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त हो सकेगा। पहले कुसुम योजना के अंतर्गत 17.5 लाख किसानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को केवल 10% कुल लागत का भुगतान करना होगा। सरकार द्वारा 30% राशि किसानों को सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाएगी तथा 30% राशि ऋण के रूप में किसानों को प्रदान की जाएगी। इस योजना के माध्यम अगले 25 वर्षों में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने से भूमि मालिक को ₹60000 से लेकर ₹100000 प्रतिवर्ष की आय प्राप्त हो सकती है। कुसुम योजना के माध्यम से ना केवल बिजली की बचत होगी बल्कि 30,800 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी किया जा सकेगा।

कुसुम योजना में हो रहा किसानो को लाभ

सरकार की इस कुसुम योजना के माध्यम से किसानो को काफी लाभ प्राप्त हो रहा है। इस योजना के ज़रिये राज्य के किसान अपने खेतो में सोलर सिस्टम लगाकर सौर ऊर्जा से पंपसेट चलाकर  दिन के समय ही अच्छे से सिचाई कर पा रहे है जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है सरकार की यह कुसुम योजना किसानो के लिए लाभकारी योजना है जिससे राज्य के सभी किसानो की खेतो में सिचाई के लिए बिजली की समस्या दूर हो पाई है। किसानो की इस योजना में 30 प्रतिशत धनराशि का  अनुदान केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है और 30 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है तथा 30 प्रतिशत धनराशि नाबार्ड द्वारा दी जा रही है।  शेष 10 प्रतिशत राशि किसान को जमा करवा कर सौलर सिस्टम लगवाए जा रहे है।

इस योजना के अंतर्गत 3 से 7. 5 एचपी के पम्पसेट लगाए जा रहे है 3 एचपी के लिए 20 हजार 549 रुपए, 5 एचपी के 33 हजार 749 रुपए एवं 7.5 एचपी के लिए 46 हजार 687 रुपए की राशि डिमांड के रूप में किसान को जमा करवानी होगी। तभी वह अपने खेतो में सिचाई के लिए पम्पसेट लगवा सकते है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के जो किसान अपने खेतो में सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने के लिए लोन ले रहे है वह दिए गए लोन का भुगतान  नगद नहीं कर सकते है सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर राज्य के किसान अन्य किसान या सरकार को ग्रिड पर देकर अतिरिक्त आमदनी कर लोन की किश्तें चुका सकते है।

कुसुम योजना की नई अपडेट

देश के लाखो किसानो को और अधिक लाभ पहुंचाने के लिए 13 नवम्बर को ऊर्जा मंत्रालय तथा केंद्र सरकार के द्वारा इस योजना के दायरे को बढ़ा दिया गया है। इस दायरे के अंतर्गत देश के किसानो को नया अलॉटमेंट जारी किया जायेगा। जिससे बाद किसान भाई अपना बिजली संयंत्र शुरू कर सकेंगे । ऊर्जा मंत्रालय की इस घोषणा के अंतर्गत अब बंजर, परती, कृषि भूमि, चारागाह और दलदली भूमि पर भी सौर बिजली संयंत्र लगाए जा सकते हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार योजना का लाभ छोटे किसान भाई भी उठा सकते है छोटे किसानो की सहायता के लिए 500 किलोवाट की कम क्षमता वाली परियोजनाओ को राज्य सरकार द्वारा मंजूरी दी जा सकती है

Rajasthan Kusum Yojana Registration 2022

इस योजना के तहत खेती की सिंचाई करने वाले पम्पो को सोर ऊर्जा वाले पम्प बनाया जायेगा | कुसुम योजना उन राज्यों में किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी जो सूखे से प्रभावित होते हैं और इससे उनकी फसल को कम हानि होगी। Kusum Yojana 2022 के अंतर्गत 2022 तक लक्षित 3 करोड़ सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की कुल लागत 1.4 लाख करोड़ रुपये(1.4 Lakh Cr Total Cost ) होगी।जिसमे से 48  हज़ार करोड़ रूपये का योगदान केंद्र सरकार (48 thousand crore rupees will be contributed by the central government )  करेगी और जबकि इतनी ही राशि राज्य सरकार देगी | इस Kusum Yojana 2022 के तहत देश के किसानो को केवल कुल लगत का 10 फीसदी ही देना होगा जबकि 48 हजार करोड़ का इंतजाम बैंक लोन से किया जायेगा।

कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना की अवधि

Kusum Yojana के अंतर्गत आवेदन करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा एसपीजी को सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना करने के लिए लेटर ऑफ ऑथराइजेशन जारी किया जाएगा। यह लेटर ऑफ ऑथराइजेशन जारी करने की तिथि से 9 महीने की अवधि में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना अनिवार्य है। यदि इस अवधि में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं किया गया तो पेनल्टी का भुगतान करना पड़ेगा। यह पेनल्टी पीपीए की शर्तों के अनुसार वसूल की जाएगी। पीपीए अवधि के दौरान सौर ऊर्जा संयंत्र द्वारा कम से कम 15% वार्षिक कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर बनाए रखना अनिवार्य है। यदि कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर 15% से कम होता है तो इस स्थिति में क्षतिपूर्ति देनी होगी। यदि एसपीजी द्वारा जमा किए गए दस्तावेज गलत पाए जाते हैं तो आवेदन किसी भी स्तर पर अमान्य किया जा सकता है।

Kusum Yojana राजस्थान में स्थापित किये गए ऊर्जा सयंत्र

इस योजना के अंतर्गत राज्य के किसानो को सेकड़ो सौर ऊर्जा संयंत्र आवंटित किए गए हैं। राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसने किसानों की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा ने बताया कि निगम द्वारा इस योजना के प्रथम चरण में वितरण निगमों के 33.11 के.वी. सब-स्टेशनों पर किसानों से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किये गये थे, जिसके तहत राज्य के किसानों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया और कुल 674 किसानों ने 815 मेगावॉट क्षमता के आवेदन दिए। जिसमें से 623 किसानों को 722 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करनेे की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है |

कुसुम योजना के कॉम्पोनेंट्स

कुसुम योजना के चार कॉम्पोनेंट है जो कि कुछ इस प्रकार हैं।

  • सौर पंप वितरण: कुसुम योजना के प्रथम चरण के दौरान केंद्र सरकार के विभागों के साथ मिलकर बिजली विभाग, सौर ऊर्जा संचालित पंप के सफल वितरण करेगी।
  • सौर ऊर्जा कारखाने का निर्माण: सौर ऊर्जा कारखानों का निर्माण किया जाएगा जोकि पर्याप्त मात्रा में बिजली का उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं।
  • ट्यूबवेल की स्थापना: सरकार द्वारा ट्यूबवेल की स्थापना की जाएगी जो कि कुछ निश्चित मात्रा में बिजली उत्पादन करेंगे।
  • वर्तमान पंपों का आधुनिकरण: वर्तमान पंपों का आधुनिकरण भी किया जाएगा कथा पुराने पंपों को नए सौर पंपो से बदला जाएगा।

कुसुम योजना के पहले ड्राफ्ट के अंतर्गत यह प्लांट्स बांझ क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जोकि 28000 मेगावाट बिजली उत्पादन में सक्षम है। प्रथम चरण में सरकार द्वारा 17.5 लाख सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा बैंक किसानों को लोन के रूप में कुल खर्च का 30% अतिरिक्त प्रदान करेगी। किसानों को केवल अग्रिम लागत ही खर्च करनी होगी।

राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत भूमि की लीज

Rajasthan Kusum Yojana के अंतर्गत यदि सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना विकासकर्ता द्वारा की जाती है तो इस स्थिति में भूमि के मालिक तथा विकासकर्ता द्वारा लीज रेट किराया तय किया जाएगा। इसके पश्चात विकासकर्ता को भूमि के मालिक को यह रेंट देना होगा। रेंट की राशि सीधे भूमि के मालिक के खाते में पहुंचाई जाएगी। यह रेंट रुपए प्रति एकड़ एवं भूमि से उत्पादित बिजली की रुपए प्रति यूनिट के रूप में निर्धारित किया जाएगा। लीज रेंट विकासकर्ता एवं भूमि के मालिक द्वारा आपसी सहमति से निर्धारित किया जाएगा। यदि विकास करता द्वारा लीज रेंट नहीं दिया जाता है तो वितरण निगम उक्त अनुबंध की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

कुसुम योजना धरोहर राशि एवं प्रोजेक्ट निष्पादन सुरक्षा राशि

यदि कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदक द्वारा स्वयं की पूंजी से सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है तो इस स्थिति में आवेदक द्वारा धरोहर राशि ₹100000 प्रति मेगावाट की दर से जमा की जाएगी। यह राशि प्रबंध निर्देशक,  अध्यक्ष ऊर्जा निगम के पक्ष में एक डिमांड ड्राफ्ट एवं बैंक गारंटी के रूप में देनी होगी। इस बैंक गारंटी की वैधता कम से कम 6 महीने होगी। सफल आवेदकों के पी पी ए साइन करने के 15 दिन बाद इस राशि को लौटा दिया जाएगा। इसके अलावा सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए एसपीजी को ₹500000 प्रति मेगावाट की दर से प्रोजेक्ट निष्पादन सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। यह राशि प्रबंधक निर्देशक अध्यक्ष निगम के पक्ष में बैंक गुरंटी के रूप में जमा की जाएगी। इस राशि की वैधता 15 महीने होगी। इस राशि को प्रोजेक्ट चालू होने के 30 दिन बाद लौटा दिया जाएगा।

कुसुम योजना के कार्यान्वयन के अंतर्गत राजस्थान पहले नंबर पर

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं कुसुम योजना को किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए आरंभ किया गया था। यह योजना दिन में बिजली उपलब्ध करवाने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में लाभकारी साबित हुई है। राजस्थान देशभर में इस योजना के कार्यान्वयन में पहले स्थान पर हैं। राजस्थान में इस योजना के अंतर्गत बिजली उत्पादन की सुविधा आरंभ हो गई है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कुसुम कॉम्पोनेंट ए योजना के अंतर्गत जयपुर के जिले कोटपूतली तहसील में भालोजी गांव में प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। जिसके लिए लगभग 3.70 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस परियोजना को 3.50 एकड़ भूमि पर किसान देवकरण यादव द्वारा स्थापित किया गया है।

राजस्थान सरकार का कुसुम योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष लक्ष्य

कुसुम योजना के अंतर्गत अन्य प्रोजेक्टों में भी जल्द सौर ऊर्जा उत्पादन राजस्थान सरकार द्वारा आरंभ किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा लगभग 17 लाख यूनिट प्रति वर्ष उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक राजस्थान में कुसुम योजना के अंतर्गत 623 किसानों का चयन किया जा चुका है एवं 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए किसानों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी किया जा चुका है। इन 623 किसानों में से 201 किसान परियोजना सुरक्षा राशि जमा करवा चुके हैं तथा 170 ने विद्युत क्रम एमओयू भी साइन किया है।  राजस्थान सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत 2600 मेगावाट उत्पादन का प्रारंभिक लक्ष्य की घोषणा 2021–22 के बजट में की गई है।

कुसुम योजना के लाभार्थी

  • किसान
  • किसानों का समूह
  • सहकारी समितियां
  • पंचायत
  • किसान उत्पादक संगठन
  • जल उपभोक्ता एसोसिएशन

कुसुम सोलर पम्प स्कीम 2022

वित् मंत्री द्वारा 2020 -21 बजट पेश करते हुए कहा कि 15 लाख किसानो ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए धन मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के उपरान्त उन्हें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाएगा ।राजस्थान के जो इच्छुक किसान इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते है तो वह जल्द से जल्द आवेदन करे और योजना का लाभ उठाये ।

कुसुम योजना

इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने सोमवार को जयपुर के निकट झोटवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में कापड़ियावास गांव में 7.5 एचपी क्षमता के पहले अनुदानित सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र का शुभारंभ किया। राजस्थान में पहली बार 7.5 एचपी क्षमता का अनुदानित सयंत्र स्थापित किया गया है।इस योजना में जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन नहीं है और डीजल पर निर्भर है। ऎसे जल बचत सयंत्र या उन्नत उद्यानिकी संरचनाएं स्थापित करने वाले किसानों को अनुदान पर 3 एचपी क्षमता से 7.5 एचपी क्षमता तक के सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कुसुम योजना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  • कुसुम योजना की एक खास बात यह है कि इस योजना के अंतर्गत प्लांट की कुल लागत का 30% राशि केंद्र सरकार देगी, 30% राशि राज्य सरकार देगी इसके अलावा 30% राशि कृषि उपभोक्ताओं को लोन के रूप में नाबार्ड या अन्य बैटिंग संस्थान द्वारा फाइनेंस करवाए जाएंगे।
  • इसका मतलब यह है कि किसानों को केवल 10% राशि ही देनी होगी।
  • इसके अलावा अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर बची हुई बिजली को किसान द्वारा बेचा भी जा सकता है।
  • आवेदक के पास आवेदन के समय आधार कार्ड एवं बैंक खाता होना अनिवार्य है।
  • सरकार द्वारा आवेदक के खाते में सब्सिडी की राशि भेजी जाएगी।
  • इसके अलावा किसान, डिस्कॉम एवं बैंक के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट साइन किया जाएगा। किसान द्वारा बेची गई बिजली की कमाई को दो हिस्सों में बांटा जाएगा।
  • पहला हिस्सा उपभोक्ता का एवं दूसरा हिस्सा लोन की किस्त का होगा।
  • इस योजना के माध्यम से किसानों तक बिजली पहुंचेगी तथा बंजर जमीन से पैसे कमाए जा सकेंगे।

राजस्थान कुसुम सोलर पंप विशेषताएं

राजस्थान राज्य कि अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा कुसुम योजना के अंतर्गत 0.5 मेगा वाट से लेकर 2 मेगा वाट तक के सोलर पंप वितरित किए जाएंगे| योजना के अंतर्गत जो किसान ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं या आवेदन पत्र भरकर ऑफलाइन माध्यम से कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लेना चाहते हैं वह हमारे द्वारा बताए गए पूर्व पंजीकरण प्रक्रिया को अच्छी प्रकार से पढ़ें|

कुसुम योजना 2022 के लाभ

  • इस योजना का लाभ देश के सभी किसान उठा सकते है |
  • रियायती मूल्य पर सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराना |
  • 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन |
  • कुसुम योजना 2022 के तहत पहले चरण में डीजल से चल रहे 17.5 लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा| जिससे डीजल खपत कम होगी।
  • अब खेतों को सिंचाई करने वाले पंप सौर ऊर्जा से चलेंगे किसानों की खेती में बढ़ावा होगा |
  • इस योजना से  मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन  होगा |
  • इस योजना के  अंतर्गत सोलर पेनल लगाने के लिए सरकार की तरफ से किसानो को 60% केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जायेगी व बैंक 30% ऋण की  सहायता प्रदान करेगा  और सिर्फ किसान को 10 फीसदी का भुगतान करना पड़ेगा | 
  • कुसुम योजना उन किसानो के लिए फायदेमंद होगी जहाँ के राज्य सूखाग्रस्त होगा व जहाँ  बिजली की समस्या रहती हो | 
  • सोलर प्लांट लगाने से 24 घंटे बिजली रहेगी | जिसकी वजह से किसान अपने खेतो में आसानी से सिचाई कर सकते है |
  • सोलर पेनल से जो अतिरिक्त  बिजली बनेगी किसान उस बिजली को सरकारी या गैर सरकारी बिजली विभागों में बेच सकता है जहाँ से किसान को 1 माह की  6000 रूपये की मदद मिल सकती है | 
  • कुसुम योजना के अंतर्गत जो भी सोलर पेनल लगाये जायेंगे वो बंजर भूमि में लगाये जायेंगे जिससे की बंजर भूमि का भी उपयोग हो जायेगा,व बंजर भूमि से आय प्राप्त होगी।

Kusum Yojana की पात्रता

  • आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • कुसुम योजना के अंतर्गत 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवेदक द्वारा आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक द्वारा अपनी भूमि के अनुपात में 2 मेगावाट क्षमता या फिर वितरण निगम द्वारा अधिसूचित क्षमता (दोनों में से जो भी कम हो) के लिए आवेदन कर सकता है।
  • प्रति मेगावाट के लिए लगभग 2 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत स्वयं के निवेश से प्रोजेक्ट के लिए किसी भी प्रकार की वित्तीय योग्यता की आवश्यकता नहीं है।
  • यदि आवेदक द्वारा किसी विकासकर्ता के माध्यम से प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है तो विकासकर्ता की नेटवर्थ 1 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट होनी अनिवार्य है।

कुसुम योजना महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • रजिस्ट्रेशन की कॉपी
  • ऑथराइजेशन लेटर
  • जमीन की जमाबंदी की कॉपी
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट (विकासकर्ता के माध्यम से प्रोजेक्ट विकसित करने की स्थिति में)
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

राज्य के
जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को
फॉलो करे |

  • सर्वप्रथम आवेदक को योजना की Official website पर जाना होगा | Official Website पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |
  • इस होम पेज पर आपको  पंजीकरण “Online Registration” का विकल्प दिखाई देगा इस विकल्प पर क्लिक करे |इसके बाद आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,पता ,आधार नंबर ,मोबाइल आदि भरनी होगी |
Apply Online Kusum Yojana
  • अभी जानकारी भरने के बाद आखिर में सब्मिट के बटन पर क्लिक करे |सफल पंजीकरण के बाद आपको चयनित लाभार्थियों को सौर पंप सेट की 10% लागत विभाग द्वारा अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं को जमा करने के लिए निर्देशित किया जाता है।
  • इसके बाद कुछ ही दिनों में अपने खेतो में सोलर पम्प लगा दिए जायेगे |

उत्तर प्रदेश कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश कुसुम योजना
  • अब आपके सामने होम पेज खोलकर आएगा।
  • होम पेज पर आपको प्रोग्राम के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपको सोलर एनर्जी प्रोग्राम के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
UP Kusum Yojana
Kusum Yojana Application Form
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा जिसमें आपको पंजीकरण के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने पंजीकरण फॉर्म खुल कर आएगा।
  • आपको इस फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके बाद आपको रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप उत्तर प्रदेश कुसुम योजना के अंतर्गत पंजीकरण कर सकेंगे।

महाराष्ट्र कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

महाराष्ट्र कुसुम योजना
  • अब आपके सामने होम पर खुलकर आएगा।
  • होम पेज पर आपको अप्लाई फॉर कुसुम योजना के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • आपको इस फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके बाद आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप महाराष्ट्र कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

हरियाणा कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

हरियाणा कुसुम योजना
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको कुसुम योजना के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल कर आएगा।
  • आपको इस फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके बाद आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप हरियाणा कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

कुसुम योजना आवेदन की सूची देखें

  • कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने हेतु चयनित आवेदकों के नाम देखने के लिए सर्वप्रथम आपको सोलर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा
  • इसके बाद “कुसुम के लिए पंजीकृत आवेदनों की सूची” वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा
Kusum Yojana
  • जैसे ही आप इस विकल्प पर क्लिक करेंगे आपके सामने चयनित आवेदकों की सूची खुल जाएगी और अब आप इस सूची के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति के नाम को आसानी से खोज सकते हैं

कुसुम योजना की राज्यवार डायरेक्ट लिंक

Helpline Number

हमने अपने इस लेख में कुसुम योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी आपको दी है। यदि आप अभी भी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप कुसुम योजना की हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं जो कि कुछ इस प्रकार है।

  • Contact Number- 011-243600707, 011-24360404
  • Toll-Free Number- 18001803333

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