परम्परागत कृषि विकास योजना

Paramparagat Krishi Vikas Yojana Apply | परम्परागत कृषि विकास योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | Paramparagat Krishi Vikas Yojana Form | परम्परागत कृषि विकास योजना लॉगिन

पारंपरिक खेती की तुलना में जैविक खेती सेहत के लिए लाभकारी होती है। जैविक खेती में कम कीटनाशकों का उपयोग होता है। इसके अलावा जैविक खेती भूजल और सतह के पानी में नाइट्रेट की लीचिंग को भी कम करती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसके लिए सरकार ने परम्परागत कृषि विकास योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना के माध्यम से किसानों को जैविक खेती करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस लेख को पढ़कर आपको इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी। इसके अलावा आपको इस योजना का उद्देश्य, विशेषताएं, लाभ, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि से संबंधित जानकारी भी प्राप्त होगी। तो यदि आप जैविक खेती करना के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको इस लेख को ध्यान पूर्वक पढ़ना होगा।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022

परंपरागत कृषि विकास योजना को सॉइल हेल्थ योजना के अंतर्गत आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से जैविक खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक विज्ञान के माध्यम से जैविक खेती के स्थाई मॉडल का विकसित किया जाएगा। Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाना है। इस योजना के माध्यम से क्लस्टर निर्माण, क्षमता निर्माण, आदनो के लिए प्रोत्साहन, मूल्यवर्धन और विपरण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना को सन 2015-16 में रसायनिक मुक्त जैविक खेती को क्लस्टर मोड में बढ़ावा देने के लिए आरंभ किया गया था।

परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता

इस योजना के माध्यम से क्लस्टर निर्माण, क्षमता निर्माण, आदनो के लिए प्रोत्साहन, मूल्यवर्धन और विपरण के लिए ₹50000 प्रति हेक्टेयर 3 वर्ष की के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से ₹31000 प्रति हेक्टेयर 3 वर्ष जैविक पदार्थों जैसे कि जैविक उर्वरकों, कीटनाशकों, बीजों आदि की खरीद के लिए प्रदान किया जाता है। इसके अलावा मूल्यवर्धन और विपरण के लिए ₹8800 प्रति हेक्टेयर 3 वर्षों के लिए प्रदान किया जाता है। Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 के माध्यम से पिछले 4 वर्षों में ₹1197 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है। परम्परागत कृषि विकास योजना के माध्यम से क्लस्टर निर्माण एवं क्षमता निर्माण के लिए ₹3000 प्रति हेक्टेयर 3 वर्षों के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। जिसमें एक्स्पोज़र विजिट और फील्ड कर्मियों के प्रशिक्षण शामिल है। यह राशि किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से वितरित की जाती है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 Key Highlights

योजना का नाम परम्परागत कृषि विकास योजना
किसने आरंभ की भारत सरकार
लाभार्थी किसान
उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।
आधिकारिक वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2022
आवेदन का प्रकार ऑनलाइन/ऑफलाइन
वित्तीय सहायता ₹50000

परम्परागत कृषि विकास योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को जैविक खेती करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने में भी लाभकारी साबित होगी। इसके अलावा परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 के माध्यम से रसायनिक मुक्त एवं पौष्टिक भोजन का उत्पादन हो सकेगा क्योंकि जैविक खेती में कम कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है। परम्परागत कृषि विकास योजना देश के नागरिकों की सेहत में सुधार करने के लिए भी उपयोगी साबित होगी। इस योजना को जैविक खेती को क्लस्टर मोड में बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी आरंभ किया गया है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana के लाभ

  • भारत सरकार द्वारा परम्परागत कृषि विकास योजना का शुभारंभ किया गया है।
  • इस योजना को सोयल हेल्थ योजना के अंतर्गत आरंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से जैविक खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाता है।
  • किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • यह योजना पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक विकास के माध्यम से खेती के स्थाई मॉडल को विकसित करने में मदद करेगी।
  • इस योजना के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
  • परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 के माध्यम से क्लस्टर निर्माण, क्षमता निर्माण, आदनों के लिए प्रोत्साहन, मूल्यवर्धन और विपरण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना को सन 2015-16 में रसायनिक मुक्त जैविक खेती को क्लस्टर मोड में बढ़ावा देने के लिए आरंभ किया गया है।
  • Paraparagat Kishi Vikas Yojana के अंतर्गत सरकार द्वारा जैविक खेती के लिए ₹50000 प्रति हेक्टेयर 3 वर्षों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस राशि में से ₹31000 प्रति हेक्टेयर की राशि जैविक उर्वरकों, कीटनाशकों, बीजों आदि के लिए प्रदान किए जाएंगे।
  • मूल्यवर्धन एवं वितरण के लिए ₹8800 रुपया प्रदान किए जाएंगे।
  • इसके अलावा क्लस्टर निर्माण एवं क्षमता निर्माण के लिए ₹3000 प्रति हेक्टेयर प्रदान किए जाएंगे। जिसमें एक्स्पोज़र विजिट एवं फील्ड कर्मियों का प्रशिक्षण भी शामिल है।
  • पिछले 4 वर्षों में इस योजना के अंतर्गत ₹1197 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है।
  • इस योजना के अंतर्गत लाभ की राशि सीधे किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से वितरित की जाती है।

पिछले 4 वर्षों में प्रदान की गई वित्तीय सहायता

साल बजट एस्टीमेट (crore) रिवाइज्ड एस्टीमेट (crore) रिलीज (crore)
2017-18 350 250 203.46
2018-19 360 335.91 329.46
2019-20 325 299.36 283.67
2020-21 500 350 381.05
कुल 1535 1235.27 1197.64

परम्परागत कृषि विकास योजना स्टेटिस्टिक्स

Active Regional Council 334
Total Group 26007
Approved Group 26007
Total Farmer 924450
Approved Farmer 910476
Not Approved Farmer 13974
Total Certificate 2141473
Approved Certificate 939466
Not Approve Certificate 1202007
Area Offered For Organic Farming 551112.279075419 Hectare

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) की पात्रता

  • आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवेदक किसान होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से ज्यादा होनी चाहिए।

परम्परागत कृषि विकास योजना अंतर्गत आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

परम्परागत कृषि विकास योजना
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको अप्लाई नाउ के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने आवेदन पत्र खुलकर आएगा।
  • आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • अब आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे।

पोर्टल पर लॉगइन करने की प्रक्रिया

परम्परागत कृषि विकास योजना
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने डायलॉग बॉक्स फुल कर आएगा।
  • आपको इस डायलॉग बॉक्स में अपना यूजरनेम, पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
  • इसके बाद आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप पोर्टल पर लॉगिन कर पाएंगे।

कांटेक्ट डिटेल देखने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको परम्परागत कृषि विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको कांटेक्ट अस के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
कांटेक्ट डिटेल
  • इसके पश्चात आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आप कांटेक्ट डिटेल देख सकते हैं।

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