Rashtriya Krishi Vikas Yojana 2022: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, कार्यान्वयन प्रक्रिया व मुख्य विशेषता

Rashtriya Krishi Vikas Yojana Online Registration | राष्ट्रीय कृषि विकास योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | राष्ट्रीय कृषि विकास योजना कार्यान्वयन प्रक्रिया | Rashtriya Krishi Vikas Yojana Application Form

कृषि क्षेत्र का विकास करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जाते हैं। इन प्रयासों के माध्यम से फसल में सुधार करने से लेकर किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। वर्ष 2007 में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। जिसके लिए राज्यों को अपने अनुसार अपनी कृषि और संबंधित क्षेत्र की विकास गतिविधियों में चुनने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इस लेख के माध्यम से आपको Rashtriya Krishi Vikas Yojana का पूरा ब्यौरा प्रदान किया जाएगा। आप इस लेख को पढ़कर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2022 का लाभ प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को जान सकेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि विकास स्कीम का उद्देश्य, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन करने की प्रक्रिया आदि से भी अवगत कराया जाएगा।

Rashtriya Krishi Vikas Yojana 2022

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2007 में Rashtriya Krishi Vikas Yojana का शुभारंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से कृषि और संबंधित क्षेत्रों में समग्र विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। जिसके लिए राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश अपनी कृषि और संबंधित क्षेत्र की विकास गतिविधियों को चुन सकेंगे। इस योजना को 11वीं पंचवर्षीय योजना एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में लागू किया गया था। 11वीं योजना के दौरान राज्यों में 22408.76 करोड़ रुपए जारी किए गए थे एवं 5768 परियोजनाओं को लागू किया गया था। 12वीं पंचवर्षीय योजना में इस योजना के अंतर्गत 3148.44 करोड़ रुपए जारी किए गए थे एवं फसल विकास, बागवानी, कृषि मशीनरीकरण आदि के क्षेत्रों में 7600 योजना को लागू किया गया था।
2014-15 तक इस योजना को 100% केंद्रीय सहायता के साथ लागू किया जा रहा था। वर्ष 2015-16 से इस योजना के वित्तपोषण पैटर्न को केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में बांट दिया गया। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए इस योजना का फंडिंग पैटर्न 100% अनुदान ही है।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का उद्देश्य

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का उद्देश्य कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों का विकास करना है। जिसके लिए कृषि व्यवसाय उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना के माध्यम से कृषि बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। जिसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण इनपुट, भंडारण, बाजार,सुविधा आदि की पोहोच सुनिश्चित की जा सकेगी। इस योजना के माध्यम से किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार योजना का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए भी इस योजना के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा। यह योजना कृषि क्षेत्र का विकास करने में कारगर साबित होगी। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।

Key Highlights Of Rashtriya Krishi Vikas Yojana 2022

योजना का नाम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
किसने आरंभ की भारत सरकार
लाभार्थी किसान
उद्देश्य कृषि क्षेत्र का विकास करना
आधिकारिक वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2022

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्क्रीनिंग एवं अनुमोदन समिति

  • स्टेट लेवल प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमेटी- प्रत्येक राज्य द्वारा एक स्टेट लेवल प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। जिसके माध्यम से प्रोजेक्ट प्रपोजल का मूल्यांकन किया जाएगा। यह कमेटी एग्रीकल्चर प्रोडक्शन कमिश्नर या फिर किसी अन्य नॉमिनेटेड ऑफिसर द्वारा संचालित की जाएगी। स्टेट चीफ सेक्रेटरी द्वारा इस कमेटी के अन्य मेंबर बनाए जाएंगे। स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा सभी प्रोजेक्ट प्रपोजल का मूल्यांकन किया जाएगा।
  • स्टेट लेवल सैंक्शनिंग कमेटी – सभी राज्यों द्वारा एक स्टेट लेवल सेक्शनिंग कमिटी का गठन किया जाएगा। जिसके अध्यक्ष चीफ सेक्रेटरी होंगे। स्टेट लेवल प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा स्टेट लेवल सैंक्शनिंग कमेटी को प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करने के पश्चात अप्रूवल के लिए दिया जाएगा। इस कमेटी द्वारा प्रोजेक्ट को अप्रूव किया जाएगा।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के कॉम्पोनेंट्स

नियमित RKVY-RAFTAAR (इंफ्रास्ट्रक्चर/एसेट):

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के इस कंप्लेंट के अंतर्गत राज्य द्वारा 70% परिव्यत में से 20% परिव्याय का हिस्सा फसल पूर्व बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए प्रयोग कर सकता है एवं 30% बजट का उपयोग कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए कर सकता है  सभी राज्य जमीनी स्तर पर आवश्यकता के आधार पर परियोजनाओं को चुनने के लिए स्वतंत्र है।

नियमित RKVY-RAFTAAR मूल्यवर्धन से जुड़ी उत्पादन परियोजनाएं जो किसानों को सुनिश्चित या अतिरिक्त आय प्रदान करती हैं –

योजना के इस घटक के अंतर्गत निधि के 70% हिस्से में 30% हिस्सा राज्य मूल्यवर्धन कृषि व्यवसाय परियोजना के लिए प्रयोग किया जा जाएगा। जिसके माध्यम से उत्पाद से लेकर किसी भी कृषि या संबंधित क्षेत्र की गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि की जा सके।

नियमित RKVY-RAFTAAR फ्लेक्सी फंड्स –

कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों की नवीन गतिविधियों के लिए राज्य द्वारा निधि के 70% हिस्से में से 20% हिस्सा इस कंपोनेंट के अंतर्गत प्रयोग किया जा सकता है।

RKVY – RAFTAAR स्पेशल सब स्कीम –

इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार विभिन्न उप योजनाएं संचालित की जाएंगी। विभिन्न घटकों में निधियों के आवंटन में सूक्ष्म सिंचाई, फसल कटाई के बाद के प्रबंधन को उपयुक्त रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा एवं उन जिलों पर तत्काल ध्यान दिया जाएगा जहां सूखा पड़ा है। यदि भारत सरकार द्वारा 1 वर्ष में किसी विशेष उप योजना की घोषणा नहीं की जाती है या फिर यदि बजटीय आवंटन में उप योजनाओं की राशि 20% से कम होती है तो इस स्थिति में शेष राशि नियमित आरकेबीवाई निधि में आवंटित कर दी जाएगी।

कृषि उद्यमिता विकास –

इस योजना के माध्यम से कृषि उद्यमियों का भी विकास किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट निर्धारित किया जाएगा। कृषि उद्यमिता विकास के अंतर्गत कृषि उद्यमियों का कौशल विकास किया जाएगा। इसके अलावा उनको आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई जाएंगी। जिससे कि वह अपना उद्यम स्थापित कर सकें।

फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन का प्रमोशन-

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन का प्रमोशन किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत एसपीओ का फॉरमेशन के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा एसपीओ को सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। वह सभी एसपीओ जिसमें 500 या फिर इससे अधिक किसान होंगे उनको इस योजना के माध्यम से लाभ पहुंचाया जाएगा।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लाभ तथा विशेषताएं

  • केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2007 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का शुभारंभ किया गया था।
  • इस योजना के माध्यम से कृषि और संबंधित क्षेत्रों में समग्र विकास को सुनिश्चित किया जाएगा।
  • जिसके लिए राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश अपनी कृषि और संबंधित क्षेत्र की विकास गतिविधियों को चुन सकेंगे।
  • इस योजना को 11वीं पंचवर्षीय योजना एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में लागू किया गया था।
  • 11वीं योजना के दौरान राज्यों में 22408.76 करोड़ रुपए जारी किए गए थे एवं 5768 परियोजनाओं को लागू किया गया था।
  • 12वीं पंचवर्षीय योजना में इस योजना के अंतर्गत 3148.44 करोड़ रुपए जारी किए गए थे एवं फसल विकास, बागवानी, कृषि मशीनरीकरण आदि के क्षेत्रों में 7600 योजना को लागू किया गया था।
  • 2014-15 तक इस योजना को 100% केंद्रीय सहायता के साथ लागू किया जा रहा था।
  • वर्ष 2015-16 से इस योजना के वित्तपोषण पैटर्न को केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में बांट दिया गया। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए इस योजना का फंडिंग पैटर्न 100% अनुदान ही है।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना प्रोजेक्ट रिपोर्ट

  • सभी राज्यों को योजना के संचालन के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
  • यह रिपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए फॉर्मेट के माध्यम से तैयार की जाएगी।
  • वे सभी प्रोजेक्ट जिनका बजट 25 करोड़ रुपया से ज्यादा होगा उनके लिए डीपीआर थर्ड पार्टी के माध्यम से किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत आरंभ की गई परियोजना किसी भी राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा पहले से संचालित परियोजना जैसी नहीं होनी चाहिए।
  • डीपीआर द्वारा वार्षिक फिजिकल एवं फाइनल टारगेट प्रत्येक प्रोजेक्ट में प्रदान किए जाएंगे।
  • इन प्रोजेक्ट रिपोर्ट को कृषि विभाग द्वारा स्टेट लेवल प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमिटी को जमा किया जाएगा।
  • स्टेट लेवल स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करने के पश्चात स्टेट लेवल सैंक्शनिंग कमेटी को अप्रूवल के लिए जमा किया जाएगा।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का कार्यान्वयन

  • इस योजना के कार्यान्वयन में कृषि विभाग नोडल एजेंसी होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत राज्य स्तर पर कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य स्तरीय कार्यान्वयन एजेंसी बनाई जाएगी।
  • कार्यान्वयन एजेंसी के संचालन के लिए राज्य को आवंटित किए गए बजट में से 2% राशि खर्च की जाएगी।
  • कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा स्टेट एग्रीकल्चर प्लान एवं स्टेट एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाएगा।
  • डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर प्लान भी राज्य स्तरीय कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया जाएगा।
  • योजना के कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन का दायित्व भी कार्यान्वयन एजेंसी का होगा।
  • राज्य द्वारा आवंटित किए गए बजट का प्रबंधन भी कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।
  • यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से जमा किए जाएंगे।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत फंडिंग

  • एसएलएससी द्वारा नई परियोजनाओं के कार्यान्वयन की मंजूरी देने एवं चालू वित्तीय वर्ष के दौरान चालू परियोजनाओं को जारी रखने के साथ-साथ अनुमोदित परियोजनाओं की सूची और तैयार करने के लिए वार्षिक आवंटन का 50% राज्यों को पहली किस्त के रूप में प्रदान किया जाएगा।
  • यदि अनुमोदन परियोजना की कुल लागत वार्षिक परिव्यय से कम है तो अनुमोदित परियोजना लागत के 50% तक की धनराशि जारी की जाएगी।
  • निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने के पश्चात 50% की दूसरी और अंतिम किस्त जारी करने पर विचार किया जाएगा।
    • पहली किस्त का 100% यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट
    • पहली किस्त के अंतर्गत न्यूनतम 60% राशि का खर्च होने पर
    • परफॉर्मेंस रिपोर्ट जमा करने पर
  • यदि राज्य द्वारा समय पर दस्तावेज नहीं जमा करें जाएंगे तो इस स्थिति में दूसरी किस्त की राशि किसी और राज्य को आवंटित कर दी जाएगी।
  • नोडल विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी अकाउंट सही तरीके से बनाए गए हो।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना प्रशासनिक खर्च

  • राज्यों द्वारा उनको प्रदान किए गए बजट में से 2% हिस्सा प्रशासनिक खर्च के लिए खर्च किया जा सकता है।
  • जिसमें कंसलटेंट को पेमेंट करना, रिकरिंग एक्सपेंस, स्टाफ कॉस्ट आदि शामिल है।
  • लेकिन इस आधार पर कोई भी स्थाई रोजगार नहीं प्रदान किया जा सकता और ना ही किसी प्रकार का वाहन खरीदा जा सकता है।
  • इसके अलावा डीपीआर त्यार करने के लिए 5% बजट के हिस्से का प्रयोग किया जा सकता है।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मॉनिटरिंग एवं इवैल्यूएशन

  • इस योजना की मॉनिटरिंग एवं वैल्यूएशन के लिए एक वेब आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली स्थापित की गई है।
  • इस प्रणाली के माध्यम से संस्था में परियोजना डाटा ऑनलाइन समय पर प्रस्तुत किया जाएगा।
  • इसके अलावा इस योजना के कार्यान्वयन के लिए एक समर्पित सेल भी स्थापित किया जाएगा।
  • सभी परियोजनाओं एवं संपत्तियों की जियो टैगिंग की जाएगी।
  • इस योजना की उप परियोजनाओं के अंतर्गत राज्य द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं का 25% हिस्से का मूल्यांकन एवं निगरानी राज्य द्वारा तीसरे पक्ष की एजेंसी द्वारा कराई जाएगी।
  • निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए कार्य योजना एसएलएससी द्वारा हर साल अपनी पहली बैठक में परियोजना लागत, परियोजना के महत्व आदि के आधार पर तय किया जाएगा।
  • प्रत्येक राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का कार्य किया जाएगा।
  • निगरानी एवं मूल्यांकन के कार्यों में राज्य द्वारा प्रदान किए गए बजट की 2% राशि खर्च की जाएगी।
  • राष्ट्रीय क्षेत्र पर निगरानी एवं मूल्यांकन डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर कोऑपरेशन एवं फार्मर वेलफेयर द्वारा किया जाएगा।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृषि संबंधित विभाग

  • क्रॉप हसबेंडरी
  • हॉर्टिकल्चर
  • एनिमल हसबेंडरी एंड फिशरीज
  • डेयरी डेवलपमेंट
  • एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड एजुकेशन
  • फॉरेस्ट्री एंड वाइल्डलाइफ
  • प्लांटेशन एंड एग्रीकल्चरल मार्केटिंग
  • फूड स्टोरेज एंड वेयरहाउसिंग
  • सॉइल एंड वॉटर कंजर्वेशन
  • एग्रीकल्चरल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन
  • अदर एग्रीकल्चरल प्रोग्राम एंड कोऑपरेशन

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत पात्रता एवं इंटर स्टेट फंड एलोकेशन

  • देश के सभी राज्य इस योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।
  • इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 60% राशि खर्च की जाएगी एवं राज्य सरकार द्वारा 40% राशि खर्च की जाएगी।
  • नॉर्थ ईस्टर्न एवं पहाड़ी राज्यों की स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा 90% राशि खर्च की जाएगी एवं राज्य सरकार द्वारा 10% राशि खर्च की जाएगी।
  • केंद्र शासित प्रदेशों के लिए इस योजना के अंतर्गत 100% राशि केंद्र सरकार द्वारा खर्च की जाएगी।

राज्य कृषि विकास योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी आदि

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना स्टैटिसटिक्स

अप्रूव्ड प्रोजेक्ट 17474
ओंगोइंग प्रोजेक्ट 8372
कंप्लीटेड प्रोजेक्ट 8535
डिसेंशन प्रोजेक्ट 110
अबॉन्डोन प्रोजेक्ट 457

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको अप्लाई नाउ के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपकी स्क्रीन पर एप्लीकेशन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • आपको एप्लीकेशन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

स्टेट नोडल ऑफिसर की सूची देखने की प्रक्रिया

  • सबसे आपको राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको स्टेट नोडल ऑफिसर के विकल्प पर क्लिक करना होगा।।
  • अब आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आप स्टेट नोडल ऑफिसर की सूची देख सकते हैं।

संपर्क विवरण देखने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको कांटेक्ट अस के विकल्प अपील करना होगा।
  • अब आपकी स्क्रीन पर एक डायलॉग बॉक्स खुल कर आएगा।
  • इस डायलॉग बॉक्स में आप संपर्क विवरण देख सकते हैं।

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