Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana 2022: एप्लीकेशन फॉर्म, पात्रता व कार्यान्यवन प्रक्रिया

Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana Online Registration | स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना एप्लीकेशन फॉर्म | स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना कार्यान्यवन प्रक्रिया

हमारे देश में आज भी कई नागरिक ऐसे हैं जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं। ऐसे सभी नागरिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जाता है। जिसके लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाता है। भारत सरकार द्वारा ऐसी ही एक योजना का संचालन किया जाता है। जिसका नाम स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना है। इस योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे ग्रामीण परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का प्रयास किया जाएगा। इस लेख के माध्यम से आपको Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana का पूरा ब्यौरा प्राप्त होगा। आप इस लेख को पढ़कर इस योजना का उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन करने की प्रक्रिया आदि से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का संचालन भारत सरकार द्वारा किया जाता है। इस योजना के माध्यम से बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान प्रदान किया जाता है जिससे कि ग्रामीण परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया जा सके। Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana का मुख्य लक्ष्य लाभार्थियों की आय में वृद्धि करना है। इस लक्ष्य को सामाजिक गतिशीलता, प्रशिक्षण, क्षमता निर्धारण तथा आयोजक परिसंपत्तियों के सर्जन का प्रावधान कर के ग्रामीण निर्धनों को स्वसहायता समूह में संगठित कर प्राप्त किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदान किया जाएगा एवं ऋण पर अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। जिस का 75% हिस्सा भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा एवं 25% व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे कि उनकी आय में वृद्धि हो सकेगी।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य एक निश्चित समय सीमा के अंतर्गत आय में पर्याप्त वृद्धि सुनिश्चित करना है। जिससे कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया जा सके। यह योजना देश के नागरिकों की आय में वृद्धि करने में कारगर साबित होगी। स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए प्राप्त किए गए ऋण पर सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। यह योजना देश के नागरिकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाएगी। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से देश के नागरिकों के जीवन में भी सुधार आएगा।

Key Highlights Of Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana

योजना का नाम स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना
किसने आरंभ की भारत सरकार
लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक
उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे नागरिकों को गरीबी रेखा से ऊपर लाना।
आधिकारिक वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2022

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लाभ तथा विशेषताएं

  • स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के माध्यम से स्व सहायता समूह में संगठित होने के योग्य बनाने के लिए ग्रामीण निर्धनों को एकजुट किया जाएगा
  • इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को ऋण एवं ऋण पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का कौशल विकास भी किया जाएगा।
  • Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana का संचालन भारत सरकार द्वारा किया जाता है।
  • इस योजना के माध्यम से बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान के माध्यम से आयोपर्जक परिसंपत्तियों उपलब्ध कराकर सहायता प्राप्त ग्रामीण परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का प्रयास किया जाएगा।
  • Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana का मुख्य लक्ष्य लाभार्थियों को कौशल और प्रत्येक क्षेत्र की कार्य क्षमता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लघु उद्यमों की स्थापना करना है।
  • इस लक्ष्य को सामाजिक गतिशीलता, प्रशिक्षण, क्षमता निर्धारण तथा आयोजक परिसंपत्तियों के सर्जन का प्रावधान कर के ग्रामीण निर्धनों को स्वसहायता समूह में संगठित कर प्राप्त किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदान किया जाएगा एवं ऋण पर अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
  • जिस का 75% हिस्सा भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा एवं 25% व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे कि उनकी आय में वृद्धि हो सकेगी।

निर्धनों का समाजिक संगठन

  • इस योजना के अंतर्गत एक सवसहायता समूह में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के 10 से 20 व्यक्ति हो सकते हैं।
  • एक व्यक्ति एक से अधिक समूह का सदस्य नहीं होना चाहिए।
  • विकलांग व्यक्तियों, लघु सिंचाई योजनाओं एवं दुर्गम क्षेत्रों जैसे पहाड़ी, मरुभूमि एवं बिखरी आबादी वाले क्षेत्रों में एक समूह में व्यक्तियों की संख्या 5 से 20 तक हो सकती है।
  • यदि आवश्यक हुआ तो 20% और विशिष्ट मामलों में 30% तक गरीबी रेखा से ऊपर के सदस्य एक समूह में शामिल हो सकते हैं।
  • सभी स्व सहायता समूह में महिला सदस्य को शामिल करने का प्रयास भी किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में 50% सहायता समूह अलग से महिलाओं के लिए बनाएं जाएंगे।

योजना के अंतर्गत गैर सरकारी संगठनों एवं बैंकों की भूमिका

  • इस योजना के अंतर्गत समूह के गठन के साथ-साथ उनकी क्षमता निर्माण भी की जाएगी जिसके लिए गैर सरकारी संगठनों को शामिल किया जाएगा।
  • सहायता समूह के गठन और विकास के लिए सभी गैर सरकारी संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों, एसएचपीआई प्रेरक आदि को चार किस्तों में ₹10000 प्रति समूह प्रदान किया जाएगा।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत क्रियाकलापों का चयन

  • प्रत्येक ब्लॉक लगभग 10 मुख्य क्रियाकलापों चुन सकता है।
  • मुख्य जोर उन चार से पांच क्रियाकलापों पर किया जाएगा जो स्थानीय संसाधनों लोगों की व्यवसायिक कुशलता और बाजार की उपलब्धता पर निर्भर हो
  • ब्लॉक स्तरीय Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana समिति मुख्य क्रियाकलापों के चयन के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
  • सभी मुख्य क्रियाकलापों का चयन बैंको, औद्योगिक/तकनीकी संगठनों, स्थानीय खादी एवं ग्रामोद्योग के कर्मचारी तथा जिला उद्योग केंद्र के साथ परामर्श करके किया जाएगा।
  • सभी चुने गए क्रियाकलापों को पंचायत समिति द्वारा अनुशासित होना चाहिए तथा अंतिम तौर पर जिला स्तरीय स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना समिति द्वारा अनुमोदित कराना चाहिए।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के प्रकार

  • रिवाल्विंग फंड- रिवाल्विंग फंड की अधिकतम राशि ₹25000 है जिसमें शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुदान राशि ₹10000 सम्मिलित है।
  • प्रशिक्षण- कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए कुल ₹5000 की राशि खर्च की जाएगी।
  • अधोसंरचना – विभिन्न प्रकार के मेलो का आयोजन किया जाएगा जिससे कि स्वरोजगारियों द्वारा निर्मित किए गए उत्पादों का वितरण किया जा सके।
  • ऋण सब्सिडी- योजना के अंतर्गत परियोजना लागत के 30% की एक समान दर से सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है जो कि अधिकतम ₹7500 होगी। अनुसूचित जातिजेड अनुसूचित जनजाति और अपंग व्यक्तियों के संबंध में 50% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी जो कि अधिकतम ₹10000 होगी। इसके अलावा स्व सहायता समूह के लिए परियोजना लागत की 50% सब्सिडी प्रदान की जाएगी जो कि अधिकतम प्रति व्यक्ति ₹10000 या ₹100000 (जो भी कम हो) होगी।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना लक्ष्य समूह

  • एसजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवार लक्ष्य समूह होने चाहिए।
  • लक्ष्य समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 50%, महिलाओं के लिए 40%, अल्पसंख्यकों के लिए 15% तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए 3% आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना वित्तीय सहायता

  • इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार एवं समूहों के लिए एसजीएसवाई के अंतर्गत सरकार द्वारा सब्सिडी तथा बैंक द्वारा ऋण के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी।
  • स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के माध्यम से ऋण पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • स्वरोगारी नागरिक के लिए इस योजना के अंतर्गत सब्सिडी परियोजना लागत 30% है जो अधिकतम ₹7500 हो सकती है।
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं विकलांगों के लिए सब्सिडी परियोजना लागत 50% है जिसकी अधिकतम सीमा ₹10000 है।
  • स्वरोजगारियो के समूह के लिए सब्सिडी योजना की लागत 50% है जिसमें प्रति व्यक्ति सब्सिडी ₹10000 या 1.25 लाख रुपए इनमें से जो भी कम है।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना रिवाल्विंग फंड

  • इस योजना के अंतर्गत प्रथम ग्रेड की पात्रता प्राप्त करने के पश्चात जिला परिषद के ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ और बैंकों द्वारा नकद ऋण सीमा के रूप में आवर्ती निधियां प्रदान की जाती है।
  • आवर्ती निधि की मात्रा स्वयं सहायता समूह के समूह संचालक की होगी। यह राशि न्यूनतम ₹5000 एवं अधिकतम ₹10000 होगी।
  • अनेक बार में कुल सब्सिडी ₹20000 तक हो सकती है।
  • जिला परिषद के ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ द्वारा अनुदान प्रदान किया जाएगा।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना प्रशिक्षण

  • इस योजना के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण की रूपरेखा अवधि और पाठ्यक्रम इस तरह से निर्धारित किए जाएंगे जिससे की मुख्य क्रिया कल्पों की आवश्यकता की पूर्ति हो सके।
  • प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा बुनियादी उन्मुखीकरण और कौशल विकास प्रशिक्षण दोनों के लिए किए गए खर्चों का जिला परिषद एसजीएसवाई निधियों से पूरा करेगी।
  • वित्तीय आवंटन का कम से कम 10% भाग स्वरोगारिओ के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए नियमित है।
  • प्रशिक्षण के लिए प्रति प्रशिक्षु ₹5000 की राशि खर्च की जाएगी।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना विपरण सहायता एवं वित्त पोषण

  • निर्मित सामान के वितरण को बढ़ावा देने की व्यवस्था भी एसजीएसवाई द्वारा की गई है।
  • जिसके माध्यम से स्वरोजगारियों के लिए निर्मित सामान के प्रदर्शन और बिक्री के लिए जिले/राज्य/ राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेलों का आयोजन किया जाएगा।
  • जिसमें बाजार सूचना का प्रावधान, वितरण और परामर्श सेवाओं का विकास तथा निर्यात सहित सामान के वितरण हेतु संस्थागत व्यवस्था शामिल है।
  • जिला परिषद द्वारा ₹500000 तक का खर्च पहचान, उत्पादन और डिजाइन विकास के लिए परियोजनाओं की तैयारी के लिए किया जा सकता है।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुलकर आएगा।
  • होम पेज पर आपको आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • आपको इस पेज पर पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।

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